"इस देश का कुछ नही हो सकता,
देखो लोग कैसे सड़क पर थूक कर चल देते हैं"
कोना लेकर उन्हें कासने के बदले,
आप उनपर थूकना बंद क्यूँ नही करते?
वो तोह सड़क पर थूक कर सिर्फ़ गंद फैलाते हैं,
आप तो देश पर थूक कर उम्मीद ही मिटा देते हैं।
अगर देश की सचमुच चिंता होती तोह आप यूँ न इतराते,
हर एक थूकने वाले को आप सही राह दिखाते|
पर आप की आंखों में थी पैसों की चकाचौन्द,
और आप चल दिए देश की उम्मीदों को रौंद।
अक्सर बच्चों से हो जाती है गलती,
उन पर थूकने से उनकी आदतें नही बदलती।
बच्चों की गलती को अगर हो सुधारना,
कोसने के बदले उन्हें प्यार से समझाना।
wah wah.... mast hai...
ReplyDeleteAap to bollywod ke baap the.. ye kya ho gaya
wah wah.. kya suruwat hai.. :-)
ReplyDeleteBahut achi shuruat hai.. a good one!
ReplyDelete@Kauti: Bas aise hi.. thoda innovate kar liya.. :D
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